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पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे राजनीतिक दलों के दावों से कहीं आगे निकलकर पारिवारिक रिश्तों के दिलचस्प ताने-बाने के गवाह बने हैं। फरीदकोट और कोटकपूरा के चुनावी मैदान में इस बार ऐसे अनोखे समीकरण देखने को मिले, जिन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जहाँ फरीदकोट में मौसी और भांजी की एक जोड़ी ने चुनावी रण फतह कर सुर्खियां बटोरीं, वहीं कोटकपूरा में एक ही रसूखदार परिवार के तीन सदस्यों ने एक साथ पार्षद बनकर अपनी सियासी ताकत का लोहा मनवाया।
फरीदकोट में चला मौसी-भांजी की जोड़ी का सिक्का
इस बार का चुनाव केवल पार्टियों की साख तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें पारिवारिक रसूख भी पूरी तरह हावी रहा। फरीदकोट में शिरोमणि अकाली दल की तरफ से चुनावी मैदान में उतरीं मुस्कान ग्रोवर ने वार्ड नंबर 19 से शानदार जीत दर्ज की। दिलचस्प बात यह रही कि उनकी सगी मौसी उमा ग्रोवर ने भी वार्ड नंबर 21 से अपनी सीट निकालकर नगर काउंसिल में एंट्री पा ली। चुनावी मैदान में मौसी-भांजी की इस दोहरी जीत की चर्चा पूरे इलाके में जोरों पर है।
कोटकपूरा में एक ही घर से निकले तीन पार्षद
राजनीतिक रसूख का इससे भी बड़ा और अनोखा नज़ारा कोटकपूरा में देखने को मिला, जहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्य नगर काउंसिल के लिए चुने गए। आम आदमी पार्टी के टिकट पर किस्मत आजमा रहे स्वतंत्र जोशी ने वार्ड नंबर 10 से बड़ी जीत हासिल की। उनके ठीक साथ लगते वार्ड नंबर 11 से उनकी भाभी विजयप्रीत जोशी ने बाजी मारी, जबकि परिवार की इस सियासी विरासत को आगे बढ़ाते हुए स्वतंत्र जोशी के बेटे आरोन जोशी ने वार्ड नंबर 16 से जीत का परचम लहरा दिया। एक साथ तीन पार्षदों की इस जीत ने स्थानीय राजनीति में जोशी परिवार की पकड़ को बेहद मजबूत कर दिया है।
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