पंजाब में जाकिर मूसा के चचेरे भाई समेत तीन दोषियों को आतंकवाद मामले में 10 साल की कैद
मोहाली स्थित NIA की विशेष अदालत ने आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से जुड़े तीन कश्मीरी छात्रों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। दोषियों में आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई भी शामिल है। अदालत ने उन्हें देश विरोधी गतिविधियों और आतंकी साजिश से जुड़े मामलों में दोषी पाया है।
1 जून को दोषी करार, आज सुनाई गई सजा
अदालत ने 1 जून को जाहिद गुलजार, यासिर रफीक भट और मोहम्मद इदरीस शाह को दोषी करार दिया था। गुरुवार को तीनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें सजा सुनाई गई। हालांकि अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
UAPA, आर्म्स एक्ट के तहत दोषी
कोर्ट ने तीनों आरोपियों को देश के खिलाफ साजिश रचने, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत दोषी माना। अदालत ने उपलब्ध सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला सुनाया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इन आरोपियों को जालंधर स्थित सीटी इंस्टीट्यूट से गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया था कि तीनों का चंडीगढ़ आना-जाना लगा रहता था और वे कथित रूप से आतंकी नेटवर्क के संपर्क में थे।
एक आरोपी पहले ही हो चुका है बरी
इस मामले में आरोपी बनाए गए सुहैल अहमद भट को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हो पाए थे। वहीं, सजा सुनाए गए तीनों दोषी फिलहाल जेल में बंद हैं।
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