ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਨੂੰ ਬਰਸਾਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਾਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸੀਵਰੇਜ ਸਾਫ਼ ਕਰਵਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ : ਪਲਵੀ
पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से परेशान आम जनता को एक बार फिर से महंगाई का कड़वा घूंट पीना पड़ा है। देश की तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस के दामों में 29 रुपये का सीधा इजाफा कर दिया है। इस फैसले ने पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है और हर घर की रसोई का बजट पूरी तरह से डगमगा गया है।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़ोतरी
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच चिंता की बात यह है कि पिछले महज तीन महीनों के भीतर रसोई गैस की कीमतों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। आम जनता अभी ईंधन की पुरानी कीमतों और बढ़ती महंगाई से ही नहीं उबर पाई थी कि गैस के नए दामों ने उन्हें एक और बड़ा झटका दे दिया है।
तेल कंपनियों ने दिया अंतरराष्ट्रीय कारणों का हवाला
तेल कंपनियों ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों का हवाला दिया है। कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में गैस की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके दबाव के चलते घरेलू बाजार में भी कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है। कारण चाहे जो भी हो, लेकिन सच्चाई यही है कि पेट्रोल-डीजल से लेकर रसोई गैस तक की इस बेतहाशा महंगाई ने आम जनता की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है।
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!