अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव बुधवार को और बढ़ गया। अमेरिकी सेना के अनुसार वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाकर सैन्य कार्रवाई की।
बहरीन में अमेरिकी बेड़े को बनाया निशाना
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमले किए। बहरीन सरकार ने भी क्षेत्र में चेतावनी सायरन बजने की पुष्टि की है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
अमेरिकी ठिकानों पर 21 हमलों का दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन सहित क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 21 हमले किए हैं। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान की ओर से किए गए दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
अपाचे हेलिकॉप्टर हादसे के बाद बढ़ा विवाद
इससे पहले सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। घटना के अगले दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि ईरान ने हेलिकॉप्टर गिराने में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों और जवाबी हमलों ने मध्य-पूर्व में सुरक्षा स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकता है।
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