ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਨੂੰ ਬਰਸਾਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਾਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸੀਵਰੇਜ ਸਾਫ਼ ਕਰਵਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ : ਪਲਵੀ
जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में स्थित एक कमर्शियल बिल्डिंग को लेकर जशनीव कपूर और राजन सिद्धू के बीच चल रहा विवाद गुरुवार को उस समय गंभीर रूप ले गया, जब मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। दोनों पक्षों ने प्रॉपर्टी पर अपने-अपने मालिकाना हक का दावा किया है, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
जशनीव कपूर का दावा: "पूरी कीमत चुकाकर खरीदी है प्रॉपर्टी"
कपूर अस्पताल के संचालक जशनीव कपूर का कहना है कि यह प्रॉपर्टी कानूनी रूप से उनके नाम है, जिसकी रजिस्ट्री उन्होंने वर्ष 2022 में करवाई थी। जशनीव के अनुसार, उन्होंने इस बिल्डिंग की पूरी कीमत का भुगतान किया है और तत्कालीन मालिक राजन सिद्धू व उनकी पत्नी ने स्वयं रजिस्ट्री उनके नाम की थी।
जशनीव ने आरोप लगाया कि अब जब प्रॉपर्टी की कीमतें चार गुना बढ़ चुकी हैं, तो राजन सिद्धू इसे अवैध तरीके से वापस हथियाने की फिराक में हैं। जशनीव का दावा है कि उन्होंने तीन अलग-अलग पुलिस अधिकारियों से दस्तावेजों की वेरिफिकेशन भी करवाई है। उन्होंने बताया कि आज उन्हें अपनी ही संपत्ति में जाने पर जान का खतरा महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। जशनीव ने यह भी आरोप लगाया कि इमारत के अंदर कुछ निहंगों को बैठाया गया है।
राजन सिद्धू का पलटवार: "ब्लैकमेलिंग का शिकार, पुलिस एकतरफा कर रही कार्रवाई"
दूसरी ओर, राजन सिद्धू ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए जशनीव कपूर और विनोद अरोड़ा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजन का कहना है कि यह 21.74 मरले की प्रॉपर्टी उनके कब्जे में है और कोर्ट से उन्हें स्टे (Stay) भी मिला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जशनीव कपूर और उनके साथी उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं और पुलिस दबाव में आकर जशनीव का पक्ष ले रही है। राजन ने तर्क दिया कि आज मौके पर पहुंची पुलिस के पास कोई भी कोर्ट का नया आदेश नहीं था। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे भी उनके ही कंट्रोल में हैं और वे पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
पुलिस की चुप्पी से बढ़ी उलझन
इस पूरे घटनाक्रम पर जब संबंधित थाना प्रभारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं और दोनों पक्षों के दस्तावेजों व दावों का मिलान करने के बाद ही कोई आधिकारिक टिप्पणी करेंगे।
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