Thu, 30 Jul 2026
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पंजाब में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी, अब चालान नहीं सीधे कोर्ट जाना होगा

पंजाब सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए रैश ड्राइविंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और अंडरएज ड्राइविंग के मामलों को नॉन-कंपाउंडेबल श्रेणी में शामिल कर दिया है। नए नियम लागू होने के बाद इन मामलों में चालान का निपटारा मौके पर या आरटीओ कार्यालय में नहीं हो सकेगा। अब ऐसे सभी मामलों का फैसला अदालत में होगा।

कोर्ट तय करेगा सजा और जुर्माना
सरकार के आदेश के अनुसार, ट्रैफिक नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को कोर्ट में पेश होना होगा। मजिस्ट्रेट मामले की सुनवाई के बाद जुर्माना, कानूनी कार्रवाई या आवश्यकता पड़ने पर जेल की सजा भी सुना सकेंगे। अब पुलिस और परिवहन विभाग के पास मौके पर चालान का निपटारा करने का अधिकार नहीं रहेगा।

सड़क हादसों पर लगाम लगाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि राज्य में रैश ड्राइविंग, नशे की हालत में वाहन चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और सड़क पर खतरनाक स्टंट की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है। इस फैसले का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।

उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नए प्रावधानों के तहत रैश ड्राइविंग के पहले मामले में छह महीने से एक साल तक की जेल या 1,000 से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं ड्रिंक एंड ड्राइव के पहले मामले में छह महीने तक की जेल और 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अंडरएज ड्राइविंग के मामलों में माता-पिता या वाहन मालिक पर 25,000 रुपये का जुर्माना, तीन साल तक की जेल, वाहन की आरसी एक वर्ष के लिए रद्द करने और नाबालिग का ड्राइविंग लाइसेंस 25 वर्ष की आयु तक जारी न करने का प्रावधान है।

राज्यभर में तत्काल प्रभाव से लागू आदेश
राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद पंजाब सरकार का यह आदेश पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस फैसले से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

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