Thu, 30 Jul 2026
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श्री कृष्ण गोविंदा हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा : योगिराज रमेश

श्री कृष्ण गोविंदा हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा

सपदि सखिवचो निशम्य मध्ये निजपरयोर्बलयो रथं निवेश्य । स्थितवति परसैनिकायुरक्ष्णा हृतवति पार्थ सखे रतिर्ममास्तु ॥

अपने मित्र अर्जुन की बात सुनकर, जो तुरंत ही पाण्डव-सेना और कौरव-सेना के बीच में अपना रथ ले आये और वहाँ स्थित होकर जिन्होंने अपनी दृष्टि से ही शत्रुपक्ष के सैनिकों की आयु छीन ली, उन पार्थ सखा भगवान श्रीकृष्ण में मेरी परम प्रीति हो ।????????

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