Thu, 30 Jul 2026
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भारतीय नागरिकता के मापदंडों और दस्तावेजों पर कांग्रेस पार्षद बलराज ठाकुर ने उठाए गंभीर सवाल

जालंधर में कांग्रेस पार्षद बलराज ठाकुर ने भारतीय नागरिकता के मौजूदा मापदंडों पर गहरा सवालिया निशान लगाते हुए सरकार से अहम सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर देश में एक सच्चा 'भारतीय नागरिक' कौन है और भारतीय नागरिकता तय करने का असली पैमाना क्या है?

बलराज ठाकुर ने प्रैस को जारी अपने बयान में कहा कि क्या देश में भारतीय नागरिकता का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड मौजूद है? यदि नागरिकता का कोई ठोस रिकॉर्ड ही नहीं है, तो क्या नागरिकता का केवल यही पैमाना रह गया है कि जो विदेशी नागरिक नहीं है, वही भारतीय है? उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जब किसी विदेशी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता दी जाती है, तो उसे बाकायदा नागरिकता का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है, जो उसकी पहचान का सुबूत होता है।

पार्षद ने चिंता जताते हुए कहा कि विडंबना यह है कि देश में जन्म लेने वाले और यहां रहने वाले हर आम भारतीय नागरिक के पास अपनी नागरिकता साबित करने का कोई एक विशेष या पुख्ता नागरिकता दस्तावेज (सर्टिफिकेट) नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि अब तो स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है क्योंकि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी पासपोर्ट को भारतीय नागरिकता का ठोस प्रमाण मानने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से पासपोर्ट को केवल एक 'ट्रैवल डॉक्यूमेंट' (यात्रा दस्तावेज) करार दिया है। ऐसे में यह सवाल बहुत बड़ा हो जाता है कि देश का एक आम हिंदुस्तानी अपनी नागरिकता आखिर किस दस्तावेज के आधार पर साबित करेगा?

अंत में पार्षद बलराज ठाकुर ने कहा कि सरकार को इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों के मन में अपनी नागरिकता और उसके दस्तावेजों को लेकर जो संशय व भ्रम की स्थिति बनी हुई है, उसे दूर किया जा सके।

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