ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
जालंधर में मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले ही जलभराव की स्थिति ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। शहर के गदईपुर इलाके में नहर का बांध टूट जाने से आसपास की कॉलोनियों में भारी मात्रा में पानी भर गया। पंजाब के अन्य जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण नहरों का जलस्तर पहले ही बढ़ा हुआ था, जिसके चलते दबाव बढ़ने से बांध टूट गया। इस अचानक आई जल-आपदा ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सतर्क हो गए और बचाव कार्य में जुट गए। बांध टूटने के बाद पानी को रिहायशी इलाकों की तरफ आने से रोकने के लिए मिट्टी से भरी बोरियों का इस्तेमाल किया गया। क्रेन की मदद से रास्तों को बंद करने और अस्थायी बांध बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। गनीमत यह रही कि पानी घरों के भीतर तक नहीं पहुँच पाया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन कॉलोनियों की सड़कों पर जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
रात 11 बजे शुरू हुआ संघर्ष
स्थानीय निवासी देसराज ने बताया कि उन्हें देर रात करीब 11 बजे बांध टूटने की जानकारी मिली, जिसके बाद तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि देर रात दो जगहों से बांध टूटा था, जिससे पानी का बहाव कॉलोनी की ओर हो गया। वहीं, सलेमपुर के रहने वाले क्रेन मशीन ऑपरेटर मोनू ने बताया कि उन्होंने मौके पर पहुंचकर अपनी मशीन के जरिए मिट्टी डालकर नहर के टूटे हुए हिस्सों को सुरक्षित रूप से बंद कर दिया है। राहत की बात यह है कि सुबह तक पानी का स्तर काफी हद तक नियंत्रित हो गया है।





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