ਬਰਨਾਲੇ ਵਿਖੇ ਸਫਾਈ ਸੇਵਕਾਂ ਉੱਤੇ ਲਾਠੀ ਚਾਰਜ ਦੀ ਕੜੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਨਿਦਾ ਕੀਤੀ ।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद क्षेत्र में गांव चक्क सुखेरा से डिब्बीपुरा जाने वाली लिंक रोड पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सड़क किनारे पक्की पटरी (बरमा) नहीं होने के कारण 13 बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर धान के खेत में पलट गई। हादसे में सभी बच्चे सुरक्षित बच गए, हालांकि कुछ बच्चों को मामूली चोटें आई हैं।
ग्रामीणों ने बच्चों और चालक को सुरक्षित निकाला
दीपू दौधी ने बताया कि वह अपनी बाइक पर स्कूल वैन के पीछे चल रहे थे। अचानक वैन संतुलन खो बैठी और सड़क से नीचे खेत में जा गिरी। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर उन्होंने तुरंत आसपास के ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में वैन चालक का हाथ वाहन के नीचे फंस गया था, जिसे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
सड़क की पटरियां गायब होने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
गांव के सरपंच खैरा सिंह ने बताया कि कई किसानों ने सड़क किनारे बनी पटरियों (बरमों) को काटकर अपने खेतों में मिला लिया है। इसके चलते सड़क काफी संकरी हो गई है और सामने से वाहन आने पर साइड देने के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
22 फीट की सड़क सिमटकर रह गई 11 फीट
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में यह लिंक रोड करीब 22 फीट चौड़ी दर्ज है, लेकिन अतिक्रमण और पटरियों के खत्म होने से इसकी वास्तविक चौड़ाई करीब 11 फीट रह गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की मूल चौड़ाई बहाल करने और दोनों ओर पक्की पटरियां बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।





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