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पंजाब के फिरोजपुर स्थित कुलगढ़ी गांव में सोमवार को दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरा गांव सन्न रह गया। 71 वर्षीय रजवंत संधू की सुबह करीब 8 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई। घर में मातम छा गया और दोपहर होते-होते गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
भाई की जुदाई में थमीं छोटे भाई की सांसें
रजवंत संधू के छोटे भाई 69 वर्षीय भगवंत संधू अपने बड़े भाई के बेहद करीब थे। परिजनों के अनुसार, अंतिम संस्कार से लौटने के बाद भगवंत संधू काफी गुमसुम और उदास थे। वे अपने भाई की यादों में डूबे हुए उसी कमरे में चले गए और ठीक उसी बिस्तर पर जाकर लेट गए, जहाँ सुबह उनके बड़े भाई ने प्राण त्यागे थे।
उसी बिस्तर पर हुआ अंत, 7 घंटे का रहा फासला
काफी देर तक जब भगवंत कमरे से बाहर नहीं आए, तो घरवाले उन्हें देखने पहुंचे। वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए; भगवंत संधू भी इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें भी दिल का दौरा पड़ा था। बड़े भाई की मौत के ठीक 7 घंटे बाद छोटे भाई ने भी दम तोड़ दिया।
एक साथ उठीं दो अर्थियां, गांव में शोक की लहर
परिजनों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच इतना गहरा प्रेम था कि शायद छोटा भाई बड़े भाई के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर पा रहा था। जिस बिस्तर पर बड़े भाई की मृत्यु हुई, उसी पर छोटे भाई का भी प्राण त्यागना लोगों के बीच चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है। पूरे इलाके में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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