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गोल्डी बराड़ और अर्श डल्ला जैसे गैंगस्टरों के लिए अब कनाडा में सुरक्षित रहना मुश्किल होने वाला है। कनाडा सरकार ने देश में अवैध तरीके से रह रहे या रिफ्यूजी बनकर शरण लेने वाले विदेशी गैंगस्टरों के खिलाफ एक बड़े स्तर पर डिपोर्टेशन (निकासी) अभियान की शुरुआत की है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य कनाडा की धरती पर बढ़ रही रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं को रोकना है, जिसके लिए सरकार अब संदिग्धों का गहन सर्वे कर रही है।
कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने तैयार की ब्लैक लिस्ट
कनेडियन मीडिया की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने विभिन्न देशों से आए 296 खतरनाक गैंगस्टरों की एक सूची तैयार की है। जांच में पाया गया है कि इनमें से कई अपराधी फर्जी दस्तावेजों या शरणार्थी नियमों का गलत फायदा उठाकर वहां रह रहे थे। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ऑफ कनाडा ने सख्त रुख अपनाते हुए इनमें से 32 गैंगस्टरों को तुरंत डिपोर्ट करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
भारत और पंजाब पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी के संकेत
हालांकि सुरक्षा कारणों और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते CBSA ने फिलहाल इन गैंगस्टरों के नामों को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस सूची में भारत के मोस्ट वांटेड अपराधियों के नाम शामिल हैं। यदि कनाडा सरकार अपनी इस सख्ती को अंजाम तक पहुंचाती है, तो गोल्डी बराड़ और अर्शदीप डल्ला जैसे नामी अपराधी जल्द ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में होंगे।
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