ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਨੂੰ ਬਰਸਾਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਾਰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸੀਵਰੇਜ ਸਾਫ਼ ਕਰਵਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ : ਪਲਵੀ
जालंधर के मेहतपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव उदोवाल में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब वहां के एक उभरते हुए कबड्डी खिलाड़ी वंश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वंश का शव बालोकी खेड़ा रोड स्थित उसके घर में अत्यंत संदेहास्पद हालत में बरामद हुआ।
स्थानीय ग्रामीणों के बीच इस बात की प्रबल चर्चा है कि युवा खिलाड़ी की जान नशे की ओवरडोज के कारण गई है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने अभी तक अधिकारिक तौर पर मौत के असली कारणों की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
होनहार खिलाड़ी का दुखद अंत
मृतक वंश बचपन से ही खेलकूद में काफी सक्रिय था और स्कूल के दिनों से ही कबड्डी के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका था। उसने कई जिला स्तरीय और स्थानीय टूर्नामेंटों में हिस्सा लेकर अपनी पहचान बनाई थी। करीब दो साल पहले ही उसने अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। उदोवाल गांव के निवासी मनप्रीत सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि वंश एक बेहतरीन एथलीट था, लेकिन स्कूल छोड़ने के बाद शिक्षकों और सही मार्गदर्शन के अभाव में वह धीरे-धीरे नशे के जाल में फंस गया, जो अंततः उसकी मौत का कारण बना।
परिवार का निर्णय और अंतिम संस्कार
वंश के अचानक चले जाने से उसके माता-पिता, छोटे भाई और छोटी बहन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के बड़े बेटे की इस तरह मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस दुखद घटना के बावजूद परिवार के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन के पास किसी भी प्रकार की कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। बिना किसी कानूनी कार्रवाई की मांग किए, परिजनों ने वंश का अंतिम संस्कार कर दिया है, जिससे इस मामले में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर पंजाब के ग्रामीण इलाकों में फैल रहे नशे के दुष्प्रभावों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक होनहार खिलाड़ी का नशे की चपेट में आकर इस तरह दुनिया से चले जाना समाज के लिए बड़ी चेतावनी है। जहां एक ओर वंश की खेल प्रतिभा की हर तरफ तारीफ होती थी, वहीं उसकी मौत के बाद अब गांव में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता और डर का माहौल बना हुआ है।
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