फगवाड़ा गेट से लेकर रेलवे रोड तक: 25 से 28 जून तक बंद रहेंगी जालंधर की ये 13 प्रमुख मार्केट्स
राघव चड्ढा इन दिनों अपने राजनीतिक फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने सोमवार (27 अप्रैल) को एक वीडियो जारी कर अपने फैसले पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी।
लगातार मिल रहे संदेशों का किया जिक्र
चड्ढा ने वीडियो में कहा कि AAP छोड़ने के ऐलान के बाद से उन्हें बड़ी संख्या में लोगों के संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां कई लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनके फैसले के पीछे की वजह जानना चाहते हैं।
15 साल के सफर को किया याद
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 15 साल आम आदमी पार्टी को दिए। खुद को संस्थापक सदस्य बताते हुए उन्होंने कहा कि वह राजनीति में करियर बनाने नहीं आए थे, बल्कि एक विचारधारा के साथ जुड़े थे और अपनी युवावस्था का अहम समय पार्टी के लिए समर्पित किया।
पार्टी के कामकाज पर उठाए सवाल
चड्ढा ने मौजूदा समय में पार्टी के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि अब यह वह पार्टी नहीं रही जो पहले थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में काम करने का माहौल खराब हो गया है और नेताओं को अपनी बात रखने तक से रोका जाता है, यहां तक कि संसद में भी बोलने की आजादी सीमित हो गई है।
BJP में शामिल होने की वजह बताई
भारतीय जनता पार्टी में जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उन्हें लंबे समय से पार्टी में बेगानापन महसूस हो रहा था। उनके मुताबिक उन्हें एहसास हुआ कि वह सही व्यक्ति हैं, लेकिन गलत पार्टी में हैं। उन्होंने कई विकल्पों पर विचार किया, जिनमें राजनीति छोड़ना या पार्टी के भीतर बदलाव की कोशिश करना शामिल था, लेकिन अंततः उन्होंने नया राजनीतिक मंच चुनने का फैसला लिया।
‘सात लोग गलत नहीं हो सकते’
चड्ढा ने यह भी कहा कि उनका फैसला व्यक्तिगत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कुल सात सांसदों ने पार्टी से नाता तोड़ा है। उनके अनुसार एक या दो लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोगों का एक साथ ऐसा फैसला लेना गंभीर संकेत देता है।उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उनका इस्तीफा किसी दबाव या डर की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय निराशा, मोहभंग और असंतोष के कारण लिया गया है।
आगे भी जारी रहेगा जनसंपर्क
चड्ढा ने स्पष्ट किया कि पार्टी छोड़ने के बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वह पहले से अधिक ऊर्जा के साथ जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे और लोगों से जुड़े रहेंगे।
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!