फगवाड़ा गेट से लेकर रेलवे रोड तक: 25 से 28 जून तक बंद रहेंगी जालंधर की ये 13 प्रमुख मार्केट्स
पंजाब की कानून व्यवस्था और हालिया धमाकों को लेकर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा धमाकों के पीछे भाजपा का हाथ होने के संकेत दिए जाने पर केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कड़ा ऐतराज जताया है। बिट्टू ने मुख्यमंत्री के बयान को पूरी तरह से 'वाहियात' और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
मुख्यमंत्री को खुली चुनौती: 'मेरे नाम पर पर्चा दर्ज करवाओ'
रवनीत सिंह बिट्टू ने मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके पास कोई सबूत है या हिम्मत है, तो वे भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मामला दर्ज करवाएं। बिट्टू ने कहा, "अगर आपको लगता है कि बीजेपी जिम्मेदार है, तो मेरे नाम पर पर्चा दर्ज करवाओ। मुख्यमंत्री पद पर बैठकर ऐसी बातें करना शोभा नहीं देता। ऐसी बातें तो एक पार्षद भी नहीं करता।"
सीएम लोगों को लड़वाने की कोशिश कर रहे
बिट्टू ने कहा कि एक तरफ पंजाब के डीजीपी कह रहे हैं कि इन घटनाओं के पीछे ISI का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह रुख देश के दुश्मनों को शाबाशी देने जैसा है। बिट्टू के अनुसार, सीएम लोगों को एक-दूसरे से लड़वाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पंजाब की शांति के लिए घातक है।
बंगाल चुनाव का दिया उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां केंद्रीय बलों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और एक पटाखा तक नहीं फूटा। उन्होंने सलाह दी कि मुख्यमंत्री को इस समय राजनीति करने के बजाय आर्मी हेडक्वार्टर जाना चाहिए था और बीएसएफ के अधिकारियों से बात करनी चाहिए थी। इससे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ता।
'मान को बर्फ की पट्टियां करने की जरूरत'
मुख्यमंत्री के व्यवहार और बयानों पर तंज कसते हुए बिट्टू ने कहा कि सीएम को अब 'बर्फ की पट्टियां' करने की जरूरत है, ताकि उनका दिमाग शांत रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा एक देश प्रेमी पार्टी है और देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करती। बिट्टू ने अंत में दोहराया कि पंजाब में रोजाना ग्रेनेड फेंके जा रहे हैं और हालात बिगड़ रहे हैं, जिसे संभालने में सरकार नाकाम रही है।
Comments & Discussions
Be the first to comment on this article!