10 हजार से ज्यादा लाइटें बंद, दिवाली पर सड़कों पर रहेगा अंधेरा
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जालंधर (राजन) : जालंधर शहर की करीब 24 हजार स्ट्रीट लाइट्स नगर निगम एलईडी लाइट्स कांट्रैक्ट कंपनी को हैंडओवर नहीं कर पाया है। इसमें से दस हजार से ज्यादा लाइटें बंद हैं। निगम और कंपनी में करीब तीन सप्ताह पहले इस बात पर सहमति बन गई थी कि कंपनी फीस लेकर निगम के जिम्मेदारी वाली स्ट्रीट लाइट्स के आपरेशन एंड मेंटेनेंस का काम देखेगी। यह वह लाइट्स है जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में सांसद, विधायक, मंत्री की ग्रांट से लगी हैं या इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और पुडा की ओर से लगाई गई हैं। ठेका कंपनी एचपीएल इलेक्ट्रिक लिमिटेड सिर्फ उन लाइटों का रखरखाव कर रही है, जो कंपनी ने खुद लगाई है। इनकी गिनती लगभग 71 हजार हैं। यह लाइट्स अधिकांश तौर पर शहर की सभी मेन रोड्स पर लगी हैं और इनमें से बड़ी गिनती में लाइटें खराब हो चुकी हैं। इससे दिवाली की रात भी ये इलाके अंधेरे में डूबे रहेंगे।
नगर निगम ने यह निर्णय लिया था कि मौजूदा कांट्रैक्ट कंपनी को ही पीसीपी लिमिटेड और ग्रांट या अन्य तरीके से लगी लाइटों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए फीस भी तय कर ली गई है, लेकिन अभी तक लिखित एग्रीमेंट न होने की वजह से कंपनी ने इन लाइटों का रखरखाव शुरू नहीं किया है। उम्मीद थी कि दिवाली से पहले इन लाइटों का रखरखाव हो जाएगा और दिवाली पर शहर जगमग करेगा, लेकिन कंपनी के काम शुरू न करने की वजह से कई मेन रोड के साथ कालोनियां और बाहरी इलाके अंधेरे में डूबे हैं। मेयर वनीत धीर ने कहा कि काम जल्द शुरू होगा।
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