Thu, 18 Jun 2026
Post Details

भारत सरकार के मंत्री जतिन प्रसाद ने सांसद चरणजीत सिंह चनी को पत्र उनके द्वारा लोक सभा में चमड़ा और जूता उद्योग से जुड़े मुद्दों  पूछे गए स्वाल के जवाब में  चिठ्ठी लिख कर जानकारी दी ।

चरणजीत चन्नी के प्रयास से केंद्र सरकार ने रु. 1700.00 करोड़ के आवंटन के साथ केंद्रीय क्षेत्र योजना 'भारतीय फुटवियर और चमड़ा विकास कार्यक्रम (आईएफएलडीपी)' को मंजूरी दी है।

 Delhi/जालंधर आज तिथि 07 मई (सोनू) : वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री भारत सरकार जतिन प्रसाद ने सांसद चरणजीत सिंह चनी को पत्र उनके द्वारा लोक सभा में चमड़ा और जूता उद्योग से जुड़े मुद्दों  पूछे गए स्वाल के जवाब में नीचे लिखी जानकारी दी:-
लोक सभा में 27 मार्च 2025 को शून्य काल के दौरान आपके द्वारा उठाए गए मुद्दे का संदर्भ ग्रहण करें, जिसके माध्यम से आपने
चमड़ा और जूता उद्योग से जुड़े मुद्दों की ओर ध्यानाकर्षित किया है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-26 के लिए 31.03.2026 तक या अगली समीक्षा तक, जो भी पहले हो, रु. 1700.00 करोड़ के आवंटन के साथ केंद्रीय क्षेत्र योजना 'भारतीय फुटवियर और चमड़ा विकास कार्यक्रम (आईएफएलडीपी)' को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करना, चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र से जुड़ी पर्यावरण संबंधी चिंताओं का समाधान करना, अतिरिक्त निवेश, रोजगार सृजन और उत्पादन में वृद्धि को बढ़ावा देना है। भारत सरकार ने देश में फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आईएफएलडीपी तथा इसकी 6 उप-योजनाओं को न केवल पंजाब में, बल्कि पूरे देश में एक साथ लागू किया है।सतत प्रौद्योगिकी और पर्यावरण संवर्धन (स्टेप-STEP) :- पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए प्रत्येक सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी)
के लिए कुल परियोजना लागत का 80% की दर से सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें उद्योग/लाभार्थी का हिस्सा परियोजना लागत
का 20% होगा और अन्य क्षेत्रों के लिए कुल परियोजना लागत का 70% की दर से सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें उद्योग/लाभार्थी का हिस्सा परियोजना लागत का 30% होगा, जिसकी सीमा रु. 200.00 करोड़ होगी। पंजाब में चमड़ा उद्योग से संबंधित पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा STEP उप-योजना के तहत एक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसकी कुल परियोजना लागत रु. 28.64 करोड़ रुपये है, जिसमें रु. 20.04 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता शामिल है।चमड़ा क्षेत्र का एकीकृत विकास (आईडीएलएस- IDLS) :- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों को 30% और अन्य इकाइयों को 20% की दर से क्षेत्रीय इकाइयों को उनके आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए सहायता प्रदान की जाती है। पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए एमएसएमई इकाइयों को संयंत्र और मशीनरी की लागत का 40% और अन्य इकाइयों को 30% की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। घरेलू निर्मित मशीनरी के लिए 5% अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाएगा। आईडीएलएस उप-योजना (01.04.2021 से 28.04.2025 तक) के तहत, भारत सरकार ने पंजाब में 51 इकाइयों को कुल रु. 19.94 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है।

Views: 143

Comments & Discussions

Be the first to comment on this article!



Latest News

Number of Visitors - 167720