सर्पदंश पीड़ित को 5 घंटों नहीं मिला बेड, अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल
????भोपाल/| विशेष संवाददाता सुरेन्द्र दुबे 9425179527
रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सर्पदंश के शिकार एक व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के बावजूद कई घंटों तक बेड नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
???? दुकान में हुआ सर्पदंश का हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेंद्र प्रसाद शुक्ला जिला योजना समिति सदस्य सीधी अपने प्रतिष्ठान “हिनौता नाथ कृषि एवं हार्डवेयर सेवा केंद्र” अमरपुर ( कोस्ट) में दोपहर लगभग 2:30 बजे पहुंचे। दुकान खोलने के दौरान अचानक एक मूषक (चूहा) तेजी से निकला, जिसके पीछे एक सांप भी था। इस दौरान सांप ने पीड़ित के दाहिने पैर में काट लिया, जिससे खून बहने लगा।
???? पहले चुरहट, फिर रीवा रेफर
घटना के बाद पीड़ित को तत्काल चुरहट ले जाया गया, जहां डॉ. गौरव पांडे ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया।
⏳ 5 घंटे तक स्ट्रेचर पर इंतजार
पीड़ित शाम करीब 4:30 बजे रीवा अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी में भर्ती हुए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें ICU भेजा गया, लेकिन बेड उपलब्ध न होने के कारण रात 9 बजे तक (लगभग 5 घंटे) स्ट्रेचर पर ही लेटे रहना पड़ा।
पीड़ित ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें समय पर बेड नहीं मिल सका।
???? जनप्रतिनिधियों से भी मांगी मदद
स्थिति बिगड़ने पर पीड़ित ने भाजपा संगठन से जुड़े विजय दुबे से भी संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल राहत नहीं मिल पाई। अंततः रात करीब 10 बजे उन्हें जनरल वार्ड में बेड उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद उपचार शुरू हो सका।
⚠️ व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप
पीड़ित ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
समय पर बेड न मिलना
शौचालयों की खराब स्थिति
बेड पर चादर की कमी
मरीजों के प्रति प्रशासन की लापरवाही
????️ स्वास्थ्य मंत्री से सुधार की मांग
पीड़ित ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से अपील करते हुए कहा कि रीवा जैसे प्रमुख मेडिकल केंद्र की व्यवस्था को तत्काल सुधारने की आवश्यकता है, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके।
???? क्षेत्रीय महत्व का अस्पताल
गौरतलब है कि रीवा का संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र (रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली आदि) के लाखों लोगों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में यहां की व्यवस्थाओं में सुधार बेहद जरूरी माना जा रहा है।
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