ਨਾਗਰਾ ਫਾਟਕ ਤੋਂ ਰਤਨ ਨਗਰ ਦੇ ਰਸਤੇ ਤੇ ਲਾਈਟਾਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਖਰਾਬ ਹੋਈਆਂ ਹਨ : ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੋ
हम इतना चाहते थे एक दूसरे को 'ज़फ़र'
मैं उस की और वो मेरी मिसाल हो के रहा
साबिर ज़फ़र
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काँटों से गुज़र जाता हूँ दामन को बचा कर,
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ
शकील बदायु...
*साहिर होशियारपुरी*
कौन कहता है मोहब्बत की ज़बाँ होती है
ये हक़ीक़त तो निगाहों से ब...
*वृद्ध आश्रम से एक बाप का खत बेटे के नाम*
तुम मेरी फिक्र न करना हरगिज़
मैं बहुत खुश हूं बहुत खुश हूं यहां
...
उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा
इफ़्तिख़ार नसीम
दीवार ओ दर झुलसते रहे त...
दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता
तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
पहुँचा है बुज़ुर्गों के बयानों से जो ह...
आती है धार उन के करम से शुऊर में
दुश्मन मिले हैं दोस्त से बेहतर कभी कभी
आल-ए-अहमद सुरूर
जितनी आँखें थीं सारी मेरी ...
*संतुलित आहार का महत्व और इसके लाभ*
संतुलित आहार वह है जिसमें विभिन्न खाद्य पदार्थों को निश्चित मात्रा और अनुप...
इक और दरिया का सामना था 'मुनीर' मुझ को
मैं एक दरिया के पार उतरा तो मैं ने देखा
मुनीर नियाज़ी
ठोकर भी राह-ए-इश्क़...
भले लगते हैं स्कूलों की यूनिफार्म में बच्चे
कँवल के फूल से जैसे भरा तालाब रहता है
मुनव्वर राना
खिलौनों की दुका...
माना कि तू ज़हीन भी है ख़ूब-रू भी है
तुझ सा न मैं हुआ तो भला क्या बुरा हुआ
मोहम्मद अल्वी
देखा न होगा तू ने मगर इंति...
सफ़ेद-पोशी-ए-दिल का भरम भी रखना है
तिरी ख़ुशी के लिए तेरा ग़म भी रखना है
फ़ाज़िल जमीली
चेहरे हैं कि सौ रंग में हो...
मेरे उस के बीच का रिश्ता इक मजबूर ज़रूरत है
मैं सूखे जज़्बों का ईंधन वो माचिस की तीली सी
खुर्शीद अकबर
मैं इक थ...
*बेबस हूं बेवफा नही*
तुमसे दूर
मैं जा तो रही हूं ...
बदलती राहों में
बिखरे हैं ।<...